small savings schemes interest rates जनवरी 2026। जब बात आती है पैसों की बचत और निवेश की, तो हर भारतीय का मन सबसे पहले छोटी बचत योजनाओं की ओर जाता है। ये योजनाएं न केवल सरकारी गारंटी के साथ सुरक्षित होती हैं, बल्कि ये आम आदमी के लिए एक आसान और विश्वसनीय तरीका भी प्रदान करती हैं। चाहे आप एक साधारण सैलरीवान हों, रिटायर्ड सीनियर सिटीजन हों या फिर अपनी बेटी के भविष्य के लिए सोच रहे माता-पिता, छोटी बचत योजनाएं हर किसी के लिए कुछ न कुछ खास लेकर आती हैं। लेकिन इन योजनाओं की असली ताकत छिपी होती है उनके ब्याज दरों में। ये दरें न केवल मुद्रास्फीति से लड़ने में मदद करती हैं, बल्कि लंबे समय में एक मजबूत वित्तीय आधार भी बनाती हैं।
2026 के पहले तिमाही (जनवरी से मार्च) में वित्त मंत्रालय ने छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। यह सातवीं लगातार तिमाही है जब दरें अपरिवर्तित रहीं, जो निवेशकों के लिए एक स्थिरता का संकेत है। इस निर्णय से उन लाखों परिवारों को राहत मिली है जो इन योजनाओं पर निर्भर हैं। आइए, हम इस लेख में इन योजनाओं की ब्याज दरों को विस्तार से समझें, उनके फायदे जानें और देखें कि 2026 में ये आपके पैसे को कैसे बढ़ा सकती हैं। हम न केवल दरों की सूची देंगे, बल्कि प्रत्येक योजना के पीछे की कहानी, निवेश के तरीके और टैक्स लाभ भी चर्चा करेंगे। यह लेख आपके लिए एक पूर्ण गाइड की तरह काम करेगा, जो लगभग 1300 शब्दों में सब कुछ कवर करेगा।

छोटी बचत योजनाओं का महत्व: क्यों चुनें इन्हें? small savings schemes interest rates
भारत में छोटी बचत योजनाएं 19वीं शताब्दी से चली आ रही हैं, लेकिन आजादी के बाद इन्हें राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत किया गया। ये योजनाएं डाकघरों के माध्यम से चलाई जाती हैं और पूरे देश में 1.5 लाख से अधिक डाकघरों में उपलब्ध हैं। इनका सबसे बड़ा फायदा है सुरक्षा – सरकार द्वारा गारंटीकृत, कोई बाजार जोखिम नहीं। 2025-26 के वित्तीय वर्ष में इन योजनाओं में 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश हुआ, जो दर्शाता है कि मध्यम वर्ग का भरोसा इन पर अटल है।
मुद्रास्फीति के दौर में, जहां बैंक एफडी की दरें 6-7% के आसपास हैं, छोटी बचत योजनाएं 8% तक की दरें दे रही हैं। उदाहरण के लिए, अगर आप 1 लाख रुपये निवेश करते हैं, तो सालाना 8% पर यह 108,000 रुपये हो जाएगा। लेकिन टैक्स छूट के साथ यह और आकर्षक हो जाता है। इन योजनाओं से न केवल व्यक्तिगत बचत बढ़ती है, बल्कि देश की पूंजी निर्माण में भी योगदान होता है। अब चलिए, जनवरी-मार्च 2026 की दरों पर नजर डालते हैं।
वर्तमान ब्याज दरें: एक नजर में
वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, सभी योजनाओं की दरें अपरिवर्तित हैं। नीचे दी गई तालिका में सभी प्रमुख योजनाओं की दरें दी गई हैं:
| योजना का नाम | ब्याज दर (%) (वार्षिक) | परिपक्वता अवधि/विशेष नोट्स |
|---|---|---|
| बचत खाता (Savings Account) | 4.0 | कोई न्यूनतम अवधि नहीं, दैनिक बैलेंस पर |
| 1 वर्षीय समय जमा (1 Year TD) | 6.9 | 1 वर्ष |
| 2 वर्षीय समय जमा (2 Year TD) | 7.0 | 2 वर्ष |
| 3 वर्षीय समय जमा (3 Year TD) | 7.1 | 3 वर्ष |
| 5 वर्षीय समय जमा (5 Year TD) | 7.5 | 5 वर्ष, टैक्स बचत विकल्प |
| 5 वर्षीय आवर्ती जमा (RD) | 6.7 | मासिक किस्तें, 5 वर्ष |
| वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (SCSS) | 8.2 | 60 वर्ष से ऊपर, 5 वर्ष (3 वर्ष विस्तार) |
| मासिक आय योजना (MIS) | 7.4 | 5 वर्ष, मासिक पेंशन जैसी आय |
| राष्ट्रीय बचत प्रमाण पत्र (NSC) | 7.7 | 5 वर्ष, चक्रवृद्धि ब्याज |
| सार्वजनिक भविष्य निधि (PPF) | 7.1 | 15 वर्ष, टैक्स मुक्त |
| सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) | 8.2 | लड़की के नाम, 21 वर्ष तक |
| किसान विकास पत्र (KVP) | 7.5 | 115 माह (लगभग 9.5 वर्ष) |
ये दरें 1 अप्रैल 2025 से लागू हैं और जनवरी 2026 तक अपरिवर्तित रहीं। अब हम प्रत्येक योजना को विस्तार से समझते हैं।
समय जमा योजनाएं: सरल और सुरक्षित निवेश
समय जमा योजनाएं उन लोगों के लिए आदर्श हैं जो एकमुश्त रकम निवेश करके निश्चित आय चाहते हैं। 1 वर्षीय जमा पर 6.9% दर मिलती है, जो बैंक एफडी से थोड़ी बेहतर है। मान लीजिए, आप 5 लाख रुपये 2 वर्षीय जमा में लगाते हैं। तो सालाना 7% पर पहला वर्ष में 35,000 रुपये ब्याज मिलेगा, जो त्रैमासिक जमा होता है। कुल मिलाकर, परिपक्वता पर आपको 5,70,000 रुपये से अधिक मिलेंगे।
5 वर्षीय जमा पर 7.5% दर खास है क्योंकि यह धारा 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक की टैक्स छूट देती है। अगर आपकी आय टैक्स स्लैब 30% है, तो यह छूट आपको 45,000 रुपये की बचत दिला सकती है। ये योजनाएं डाकघर या अधिकृत बैंकों में खोली जा सकती हैं, न्यूनतम 1,000 रुपये से शुरू। लेकिन याद रखें, समय से पहले निकासी पर 2% पेनल्टी लगती है।
आवर्ती जमा (RD): छोटे-छोटे कदम, बड़ा फल
कई लोग हर महीने थोड़ा-थोड़ा बचाना चाहते हैं। 5 वर्षीय RD पर 6.7% दर के साथ, आप 500 रुपये से शुरू कर 10,000 रुपये तक मासिक जमा कर सकते हैं। चक्रवृद्धि ब्याज की वजह से यह योजना लंबे समय में अच्छा रिटर्न देती है। उदाहरणस्वरूप, अगर आप 5,000 रुपये मासिक 5 वर्ष के लिए जमा करते हैं, तो कुल निवेश 3 लाख होगा, लेकिन ब्याज सहित आपको लगभग 3.5 लाख मिलेंगे। यह योजना उन युवाओं के लिए बेस्ट है जो SIP की तरह अनुशासित बचत करना चाहते हैं, लेकिन जोखिम से दूर।
वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (SCSS): रिटायरमेंट का सहारा
60 वर्ष से ऊपर के बुजुर्गों के लिए SCSS एक वरदान है। 8.2% की दर पर त्रैमासिक ब्याज मिलता है, जो पेंशन की तरह काम करता है। अधिकतम 30 लाख रुपये तक निवेश कर सकते हैं, न्यूनतम 1,000। परिपक्वता 5 वर्ष है, लेकिन 3 वर्ष और बढ़ाई जा सकती है। टैक्स पर, ब्याज आयकर के दायरे में आता है, लेकिन धारा 80C लाभ मिलता है। एक रिटायर्ड शिक्षक रामलाल जी की कहानी सुनिए – उन्होंने 20 लाख निवेश किया, तो हर तिमाही 41,000 रुपये ब्याज मिलता है। यह उनकी मासिक खर्चों को आसान बनाता है। लेकिन, 1 वर्ष से पहले निकासी पर 1% पेनल्टी है।
राष्ट्रीय बचत प्रमाण पत्र (NSC): चक्रवृद्धि का जादू
NSC 5 वर्षीय योजना है, जिसमें 7.7% चक्रवृद्धि ब्याज मिलता है। यह भी 80C के तहत टैक्स बचत देती है। प्रमाण पत्र के रूप में उपलब्ध, इसे गिफ्ट के रूप में भी दिया जा सकता है। अगर आप 1 लाख निवेश करते हैं, तो 5 वर्ष बाद लगभग 1.45 लाख मिलेंगे। यह योजना उन लोगों के लिए अच्छी है जो भूलकर भी निकासी न करें, क्योंकि बीच में पैसे निकालना संभव नहीं।
सार्वजनिक भविष्य निधि (PPF): लंबी दौड़ का चैंपियन
PPF भारत की सबसे लोकप्रिय योजनाओं में से एक है। 7.1% दर पर 15 वर्ष की लॉक-इन, लेकिन 80C के तहत 1.5 लाख तक निवेश और पूर्ण टैक्स मुक्ति (EEE – Exempt-Exempt-Exempt)। न्यूनतम 500, अधिकतम 1.5 लाख सालाना। एक युवा इंजीनियर ने 2010 में PPF शुरू किया था; आज उसके पास 25 लाख से अधिक का कोष है, जो रिटायरमेंट के लिए तैयार है। बच्चे के नाम पर भी खाता खुल सकता है।
सुकन्या समृद्धि योजना (SSY): बेटी का भविष्य सुरक्षित
लड़की बच्चे के नाम पर SSY 8.2% दर देती है, जो सबसे ऊंची है। 10 वर्ष तक जमा, 21 वर्ष तक ब्याज। अधिकतम 1.5 लाख सालाना, 80C लाभ और परिपक्वता पर टैक्स मुक्त। एक मां ने अपनी 2 वर्षीय बेटी के लिए 1 लाख सालाना जमा किया; 21 वर्ष बाद यह 50 लाख से अधिक हो सकता है। विवाह के लिए 18 वर्ष बाद आंशिक निकासी संभव।
किसान विकास पत्र (KVP): दोगुना होने का वादा
KVP पर 7.5% दर के साथ, निवेश 115 माह (9.5 वर्ष) में दोगुना हो जाता है। न्यूनतम 1,000, कोई ऊपरी सीमा नहीं। यह योजना किसानों और छोटे निवेशकों के लिए सरल है, क्योंकि कोई ब्याज कैलकुलेशन नहीं – बस दोगुना रिटर्न।
मासिक आय योजना (MIS): नियमित आय का स्रोत
7.4% दर पर मासिक ब्याज, जो पेंशनधारी लोगों के लिए बेस्ट। अधिकतम 9 लाख (संयुक्त) तक। 5 वर्ष की अवधि।
निवेश कैसे करें: आसान स्टेप्स
डाकघर जाएं या ऑनलाइन India Post वेबसाइट पर। KYC के लिए आधार, पैन जरूरी। मोबाइल ऐप से भी ट्रैकिंग। महिलाओं और बच्चों के लिए विशेष छूट।
अन्य निवेशों से तुलना: क्यों बेहतर?
बैंक FD 6.5-7% देती हैं, लेकिन छोटी बचत में टैक्स लाभ अतिरिक्त। म्यूचुअल फंड्स 10-12% रिटर्न देते हैं, लेकिन जोखिम। 2026 में RBI की दरें स्थिर होने से छोटी बचतें आकर्षक रहेंगी।
टैक्स और जोखिम: सावधानियां
अधिकांश योजनाएं 80C के तहत, लेकिन ब्याज पर TDS लागू। SCSS पर 50,000 से ऊपर TDS। मुद्रास्फीति 5% मानें, तो रीयल रिटर्न 2-3%।
निष्कर्ष: 2026 में निवेश शुरू करें
छोटी बचत योजनाएं न केवल पैसा बढ़ाती हैं, बल्कि वित्तीय अनुशासन सिखाती हैं। 2026 में अपरिवर्तित दरें एक संकेत हैं कि स्थिरता बनी रहेगी। आज ही डाकघर जाएं और अपना भविष्य सुरक्षित करें। अधिक जानकारी के लिए nsiindia.gov.in देखें।